Rahat Indori Shayari in Hindi

Rahat Indori Shayari in Hindi

Amazing collection of Rahat Indori Shayari in the Hindi language. Dr. Rahat Indori recited his 1 poetry at the age of 19 in his college. still, we have tried to present you his most popular poetry of Rahat Indori was born on 1, January 1950. Rahat Indori is an Urdu language poet. We have the large collection of Rahat Indori Poetry. People love to read Rahat Indori Poetry. Here some of the finest couplets by Dr. Rahat Indori. Rahat Indori Shayari available in Hindi, Urdu and Roman language. Access to poetry videos, audios & Ebooks of Rahat Indori. Rahat Indori is an Indian Urdu Poet, lyricist. Read all his poems, ghazals, poetry, lyrics, Shayari on politics, love, life, sad, in Hindi. Rahat Indori is an eminent and talented Urdu language poet. He quickly became a well-known figure in the world of Sher-o-Shayari. Rahat Indori is a popular poet and film lyricist. You can read more of his work on Hindi Poetry, Hindi Shayari.

Rahat Indori Shayari in Hindi

1- कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया

कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया,

अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया,

रातों को चांदनी के भरोसें ना छोड़ना
सूरज ने जुगनुओं को ख़बरदार कर दिया,

रुक रुक के लोग देख रहे है मेरी तरफ
तुमने ज़रा सी बात को अखबार कर दिया,

इस बार एक और भी दीवार गिर गयी
बारिश ने मेरे घर को हवादार कर दिया,

बोल था सच तो ज़हर पिलाया गया मुझे
अच्छाइयों ने मुझे गुनहगार कर दिया,

दो गज सही ये मेरी मिलकियत तो हैं
ऐ मौत तूने मुझे ज़मीदार कर दिया…. !!

-Dr. Rahat Indori

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2- सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे

सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे
चले चलो की जहाँ तक ये आसमान  रहे,

ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल
मज़ा तो तब है के पैरों में कुछ थकान रहे,

वो शख्स मुझ को कोई जालसाज़ लगता हैं
तुम उसको दोस्त समझते हो फिर भी ध्यान रहे,

मुझे ज़मीं की गहराइयों ने दबा लिया
मैं चाहता था मेरे सर पे आसमान रहे,

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अब अपने बिच मरासिम नहीं अदावत है
मगर ये बात हमारे ही दरमियाँ रहे,

सितारों की फसलें उगा ना सका कोई
मेरी ज़मीं पे कितने ही आसमान रहे,

वो एक सवाल है फिर उसका सामना होगा
दुआ करो की सलामत मेरी ज़बान रहे…!!

-Dr. Rahat Indori

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3- बुलाती है मगर जाने का नईं

बुलाती है मगर जाने का नईं 
ये दुनिया है इधर जाने का नईं,

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुजर जाने का नईं,

सितारें नोच कर ले जाऊँगा
में खाली हाथ घर जाने का  नईं,

वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नईं,

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नईं,

नईं – नईं का मतलब पुरानी उर्दू में नहीं होता है
वबा  – महामारी…!!

-Dr. Rahat Indori

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Rahat Indori Shayari in Hindi

4- अंदर का ज़हर चूम लिया, धूल के आ गए

अंदर का ज़हर चूम लिया, धूल के आ गए
कितने शरीफ लोग थे सब खुल के आ गए,

सूरज से जंग जीतने निकले थे बेवकूफ
सारे सिपाही माँ के थे घुल के आ गए,

मस्जिद में दूर दूर कोई दुसरा न था
हम आज अपने आप से मिल जुल के आ गये,

नींदो से जंग होती रहेगी तमाम उम्र
आँखों में बंद ख्वाब अगर खुल के आ गए,

सूरज ने अपनी शक्ल भी देखि थी पहली बार
आईने को मजे भी मुक़ाबिल के आ गए,

अनजाने साये फिरने लगे हैं इधर उधर
मौसम हमरे शहर में काबुल के आ गये..!!

-Dr. Rahat Indori

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5- समन्दरों में मुआफिक हवा चलाता है

समन्दरों में मुआफिक हवा चलाता है
जहाज़ खुद नहीं चलते खुदा चलाता है,

ये जा के मील के पत्थर पे कोई लिख आये
वो हम नहीं हैं, जिन्हें रास्ता चलाता है,

वो पाँच वक़्त नज़र आता है नमाजों में
मगर सुना है कि शब को जुआ चलाता है,

ये लोग पांव नहीं जेहन से अपाहिज हैं
उधर चलेंगे जिधर रहनुमा चलाता है,

हम अपने बूढे चिरागों पे खूब इतराए
और उसको भूल गए जो हवा चलाता है..!!

-Dr. Rahat Indori

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Rahat Indori Shayari

6- इन्तेज़ामात  नए सिरे से संभाले जाएँ

इन्तेज़ामात  नए सिरे से संभाले जाएँ
जितने कमजर्फ हैं महफ़िल से निकाले जाएँ,

मेरा घर आग की लपटों में छुपा हैं लेकिन
जब मज़ा हैं तेरे आँगन में उजाला जाएँ,

गम सलामत हैं तो पीते ही रहेंगे लेकिन
पहले मयखाने की हालात तो संभाली जाए,

खाली वक्तों में कहीं बैठ के रोलें यारों
फुरसतें हैं तो समंदर ही खंगाले जाए,

खाक में यु ना मिला ज़ब्त की तौहीन ना कर
ये वो आसूं हैं जो दुनिया को बहा ले जाएँ,

हम भी प्यासे हैं ये अहसास तो हो साकी को
खाली शीशे ही हवाओं में उछाले जाए,

आओ शहर में नए दोस्त बनाएं “राहत”
आस्तीनों में चलो साँप ही पाले जाए..!!

-Dr. Rahat Indori

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Rahat Indori Shayari in Hindi

7- दोस्ती जब किसी से की जाये

दोस्ती जब किसी से की जाये
दुश्मनों की भी राय ली जाए,

मौत का ज़हर हैं फिजाओं में
अब कहा जा के सांस ली जाए,

बस इसी सोच में हु डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाए,

मेरे माजी के ज़ख्म भरने लगे
आज फिर कोई भूल की जाए,

बोतलें खोल के तो पि बरसों
आज दिल खोल के पि जाए..!!

-Dr. Rahat Indori

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8- लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है ?

लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है,

मैं ना जुगनू हूँ दिया हूँ ना  कोई तारा हूँ
रौशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं,

नींद से मेरा ताल्लुक ही नहीं बरसों से
ख्वाब आ – आ के मेरी छत पे टहलते क्यों हैं,

मोड़ तो होता हैं जवानी का संभलने के लिये
और सब लोग यही आकर फिसलते क्यों हैं..??

-Dr. Rahat Indori

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9- रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं
चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पड़ता हैं,

मैं समंदर हूँ कुल्हाड़ी से नहीं कट सकता
कोई फव्वारा नही हूँ जो उबल पड़ता हैं,

कल वहाँ चाँद उगा करते थे हर आहट पर
अपने रास्ते में जो वीरान महल पड़ता हैं,

ना त-आरूफ़ ना त-अल्लुक हैं  मगर दिल अक्सर
नाम सुनता हैं  तुम्हारा तो उछल पड़ता हैं,

उसकी याद आई है  साँसों ज़रा धीरे चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता हैं…!!

-Dr. Rahat Indori

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10- सारी बस्ती क़दमों में है, ये भी इक फ़नकारी है

सारी बस्ती क़दमों में है, ये भी इक फ़नकारी है
वरना बदन को छोड़ के अपना जो कुछ है सरकारी है,

कालेज के सब लड़के चुप हैं काग़ज़ की इक नाव लिये
चारों तरफ़ दरिया की सूरत फैली हुई बेकारी है,

फूलों की ख़ुश्बू लूटी है, तितली के पर नोचे हैं
ये रहजन का काम नहीं है, रहबर की मक़्क़ारीहै,

हमने दो सौ साल से घर में तोते पाल के रखे हैं
मीर तक़ी के शेर सुनाना कौन बड़ी फ़नकारी है,

Happy Diwali Messages in Hindi Language

अब फिरते हैं हम रिश्तों के रंग-बिरंगे ज़ख्म लिये
सबसे हँस कर मिलना-जुलना बहुत बड़ी बीमारी है,

दौलत बाज़ू हिकमत गेसू शोहरत माथा गीबत होंठ
इस औरत से बच कर रहना, ये औरत बाज़ारी है,

कश्ती पर आँच आ जाये तो हाथ कलम करवा देना
लाओ मुझे पतवारें दे दो, मेरी ज़िम्मेदारी है…!!

-Dr. Rahat Indori

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Rahat Indori Shayari in Hindi

 

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6 Comments

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    I seriously appreciate people like you! Take care!!

  3. massive amount of quality you have in this.

  4. Very lively lines of wisdom

  5. Very lively lines of wisdom. RahatIndori sahab ke shukra gujaar hain.

  6. i will be fans of DR. indori sahab, becouse they are my best poetry writer. so i will be respect of rahat indori. he wrrite is GOLDEN LINE.

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